उसकी कोई मजबूरी होगी

यह रचियता सतनाम सिंह साहनी जो कि पथिक अनजाना नाम से हिन्दी भाषा में ब्लागों पर अपने स्वविचार प्रकाशनार्थ प्रेषित करते हैं कि यह ब्लागर पर चौथी कडी हैं

सोमवार, 16 नवंबर 2015

अभिव्यक्ति क्रमांक ९११ -- मेरा परिचय पथिक अनजाना -- पथिक अनजाना

मेरे मरने के बाद याद करना मुझे यारों
भूली थी राह हर कोई मुझे भटका कह गया
समान मेरे यह बात कई कहकर गुजर गये
कुछ लिख गये कुछ जुबां पर लाते रह गये
मेरे मरने के बाद काँधा देना मुझे यारों
मैं ताउम्र खुद को कांधा देता यहाँ रह गया
मेरा परिचय पथिक अनजाना मात्र रह गया
जो दिल में आया लिख ब्लागों में कह गया
नही कह सकते , उसकी कोई मजबूरी होगी
सतनाम सिंह साहनी (पथिकअनजाना)



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