देवें जवाब क्यों दिलोदिमाग पर छाये रहते हैं
बीते लम्हों साथ आ हमें हमसे दूर ले जाते हैं
न याद आयें न करें याद हालात यह बताते है
भूलें उन्हें करें याद क्यों जो पथिक कहलाते हैं
दुनिया आपकी मुबारक हो सोये क्यों जगाते हैं
व्यापारी दुनिया में प्यार खोजते हम रह जातेहैं
पथिक अनजाना
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें